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ISSN No. 3139-3284
An International, Multidisciplinary, Multilingual, Open-Access, Double-Blind Peer-Reviewed Research Journal
Article Information
Journal: Shibli National Academic Journal (SNAJ)
Volume: Volume 1 | Issue: Issue 1
ग्रामीण व वाणिज्य केन्द्रों की क्षेत्रीय अंतरक्रिया एवं उपभोक्ता संचरण प्रतिरूप : आजमगढ़ जनपद के विशेष संदर्भ में
Abstract
शोध सारांश-
ग्रामीण एवं वाणिज्यिक केंद्रों के बीच होने वाला वस्तुओं सेवाओं, पूंजी, सूचना तथा जनसंख्या का आदान-प्रदान क्षेत्रीय अंतर प्रक्रिया कहलाता है। यह प्रक्रिया किसी क्षेत्र के आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ग्रामीण क्षेत्र कृषि एवं कच्चे माल के उत्पादन के प्रमुख स्रोत होते हैं, जबकि वाणिज्यिक केंद्र इन उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण, वितरण और विपणन का कार्य करते हैं। दोनों के मध्य स्थापित यह संबंध क्षेत्रीय विकास का आधार बनता है, जबकि उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं, क्रय शक्ति, वस्तुओं की उपलब्धता, दूरी, परिवहन सुविधाओं तथा समय के आधार पर निकटवर्ती या दूरस्थ वाणिज्य केन्द्रो की ओर आवागमन करते हैं। इस प्रक्रिया को उपभोक्ता संचरण कहा जाता है। अध्ययन क्षेत्र के उपभोक्ता अपनी दैनिक जरूरत को पूरा करने के लिए स्थानीय स्तर पर गांव या मोहल्ले के दुकानों से क्रय करते हैं, जबकि कुछ वस्तुओं के लिए क्षेत्रीय स्तर पर छोटे व मध्यम स्तर के वाणिज्यिक केन्द्रो तक जाते हैं, वहीं कुछ विशिष्ट वस्तुओं के क्रय हेतु जनपद मुख्यालय या बड़े बाजारों तक संचरण करते हैं।
मुख्य शब्द - वाणिज्यिक केंद्र, उपभोक्ता संचरण, क्षेत्रीय अंतर प्रक्रिया, यातायात प्रतिरूप, क्षैतिज अंतर प्रक्रिया, लंबवत अंतर प्रक्रिया, कार्यात्मक अंतर प्रक्रिया, उपभोक्ता सर्वेक्षण संचरण, रोजमर्रा के समान, विशिष्ट वस्तुएं।
ग्रामीण एवं वाणिज्यिक केंद्रों के बीच होने वाला वस्तुओं सेवाओं, पूंजी, सूचना तथा जनसंख्या का आदान-प्रदान क्षेत्रीय अंतर प्रक्रिया कहलाता है। यह प्रक्रिया किसी क्षेत्र के आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ग्रामीण क्षेत्र कृषि एवं कच्चे माल के उत्पादन के प्रमुख स्रोत होते हैं, जबकि वाणिज्यिक केंद्र इन उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण, वितरण और विपणन का कार्य करते हैं। दोनों के मध्य स्थापित यह संबंध क्षेत्रीय विकास का आधार बनता है, जबकि उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं, क्रय शक्ति, वस्तुओं की उपलब्धता, दूरी, परिवहन सुविधाओं तथा समय के आधार पर निकटवर्ती या दूरस्थ वाणिज्य केन्द्रो की ओर आवागमन करते हैं। इस प्रक्रिया को उपभोक्ता संचरण कहा जाता है। अध्ययन क्षेत्र के उपभोक्ता अपनी दैनिक जरूरत को पूरा करने के लिए स्थानीय स्तर पर गांव या मोहल्ले के दुकानों से क्रय करते हैं, जबकि कुछ वस्तुओं के लिए क्षेत्रीय स्तर पर छोटे व मध्यम स्तर के वाणिज्यिक केन्द्रो तक जाते हैं, वहीं कुछ विशिष्ट वस्तुओं के क्रय हेतु जनपद मुख्यालय या बड़े बाजारों तक संचरण करते हैं।
मुख्य शब्द - वाणिज्यिक केंद्र, उपभोक्ता संचरण, क्षेत्रीय अंतर प्रक्रिया, यातायात प्रतिरूप, क्षैतिज अंतर प्रक्रिया, लंबवत अंतर प्रक्रिया, कार्यात्मक अंतर प्रक्रिया, उपभोक्ता सर्वेक्षण संचरण, रोजमर्रा के समान, विशिष्ट वस्तुएं।
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